Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 1.41.11: वाक्य का सार समझने और उसे बोलने में कुशल उन सभी महापुरुषों ने अंशुमान का स्वागत किया और अपनी शुभकामनाएँ व्यक्त कीं कि वह घोड़े के साथ वापस आ जाएगा।   |   ramayan सर्ग 1.41: सगर की आज्ञा से अंशुमान् का रसातल में जाकर घोड़े को ले आना और अपने चाचाओं के निधन का समाचार सुनाना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 41: सगर की आज्ञा से अंशुमान् का रसातल में जाकर घोड़े को ले आना और अपने चाचाओं के निधन का समाचार सुनाना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  1.41.11 
तैश्च सर्वैर्दिशापालैर्वाक्यज्ञैर्वाक्यकोविदै:।
पूजित: सहयश्चैवागन्तासीत्यभिचोदित:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
वाक्य का सार समझने और उसे बोलने में कुशल उन सभी महापुरुषों ने अंशुमान का स्वागत किया और अपनी शुभकामनाएँ व्यक्त कीं कि वह घोड़े के साथ वापस आ जाएगा।
 
All those great men, skilled in understanding the essence of the sentence and speaking it, welcomed Anshuman and expressed their good wishes that he would return with the horse.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)