श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 41: सगर की आज्ञा से अंशुमान् का रसातल में जाकर घोड़े को ले आना और अपने चाचाओं के निधन का समाचार सुनाना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  1.41.10 
तस्य तद् वचनं श्रुत्वा सर्वानेव दिशागजान्।
यथाक्रमं यथान्यायं प्रष्टुं समुपचक्रमे॥ १०॥
 
 
अनुवाद
उनके वचन सुनकर अंशुमान ने उपर्युक्त प्रश्न एक-एक करके सभी महापुरुषों से यथायोग्य पूछने आरम्भ किए॥10॥
 
After listening to his words, Anshuman started asking the above questions to all the great men one by one in a proper manner.॥ 10॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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