vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 1: बाल काण्ड
»
सर्ग 40: सगर के पुत्रों का पृथ्वी को खोदते हुए कपिलजी के पास पहुँचना और उनके रोष से जलकर भस्म होना
»
श्लोक 24
श्लोक
1.40.24
तत: प्रागुत्तरां गत्वा सागरा: प्रथितां दिशम्।
रोषादभ्यखनन् सर्वे पृथिवीं सगरात्मजा:॥ २४॥
अनुवाद
तत्पश्चात् प्रसिद्ध उत्तर-पूर्व दिशा में जाकर सगर के सभी पुत्र क्रोधित होकर एक साथ मिलकर पृथ्वी खोदने लगे।
Thereafter going to the well-known north-eastern direction, all the sons of Sagara together began digging the earth in anger. 24.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×