श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 40: सगर के पुत्रों का पृथ्वी को खोदते हुए कपिलजी के पास पहुँचना और उनके रोष से जलकर भस्म होना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  1.40.10 
तेषां तद् वचनं श्रुत्वा पुत्राणां राजसत्तम:।
समन्युरब्रवीद् वाक्यं सगरो रघुनन्दन॥ १०॥
 
 
अनुवाद
'रघुनन्दन! अपने पुत्रों की यह बात सुनकर राजाओं में श्रेष्ठ सगर क्रोधित होकर उनसे बोले -॥10॥
 
'Raghunandan! On hearing these words of his sons, Sagara, the best of kings, became angry and said to them -॥10॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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