Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.39.16: 'मैंने यज्ञ करने की दीक्षा ले ली है, अतः मैं स्वयं उसकी खोज में नहीं जा सकता; अतः जब तक मुझे घोड़ा न दिख जाए, तब तक मैं उपाध्यायों और अपने पौत्र अंशुमान के साथ यहीं रहूँगा।'॥16॥ | ramayan सर्ग 1.39: इन्द्र के द्वारा राजा सगर के यज्ञ सम्बन्धी अश्व का अपहरण, सगरपुत्रों द्वारा सारी पृथ्वी का भेदन । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'मैंने यज्ञ करने की दीक्षा ले ली है, अतः मैं स्वयं उसकी खोज में नहीं जा सकता; अतः जब तक मुझे घोड़ा न दिख जाए, तब तक मैं उपाध्यायों और अपने पौत्र अंशुमान के साथ यहीं रहूँगा।'॥16॥
'I have already taken initiation in performing Yajna, so I cannot go in search of it myself; therefore, until I see the horse, I will stay here with the Upadhyayas and my grandson Anshuman.'॥ 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥