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ramayan 1.38.19: 'इस प्रकार बहुत समय बीतने पर राजा सगर के यहाँ सुन्दरता और यौवन से विभूषित साठ हजार पुत्र उत्पन्न हुए ॥19॥   |   ramayan सर्ग 1.38: राजा सगर के पुत्रों की उत्पत्ति तथा यज्ञ की तैयारी   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 38: राजा सगर के पुत्रों की उत्पत्ति तथा यज्ञ की तैयारी  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  1.38.19 
अथ दीर्घेण कालेन रूपयौवनशालिन:।
षष्टि: पुत्रसहस्राणि सगरस्याभवंस्तदा॥ १९॥
 
 
अनुवाद
'इस प्रकार बहुत समय बीतने पर राजा सगर के यहाँ सुन्दरता और यौवन से विभूषित साठ हजार पुत्र उत्पन्न हुए ॥19॥
 
'In this way, after a long period of time, sixty thousand sons, adorned with beauty and youth, were born to King Sagar. ॥ 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)