Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 1.37.31: श्री राम! मैंने आपको गंगाजी का चरित्र विस्तारपूर्वक सुनाया है; साथ ही कुमार कार्तिकेय के जन्म की कथा भी सुनाई है, जो सुनने वाले को धन्य और पुण्यशाली बना देगी॥31॥   |   ramayan सर्ग 1.37: गंगा से कार्तिकेय की उत्पत्ति का प्रसंग   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 37: गंगा से कार्तिकेय की उत्पत्ति का प्रसंग  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  1.37.31 
एष ते राम गंगाया विस्तरोऽभिहितो मया।
कुमारसम्भवश्चैव धन्य: पुण्यस्तथैव च॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
श्री राम! मैंने आपको गंगाजी का चरित्र विस्तारपूर्वक सुनाया है; साथ ही कुमार कार्तिकेय के जन्म की कथा भी सुनाई है, जो सुनने वाले को धन्य और पुण्यशाली बना देगी॥31॥
 
Shri Ram! I have told you in detail about the character of Gangaji; along with this I have also narrated the story of the birth of Kumar Kartikeya, which will make the listener blessed and virtuous. ॥ 31॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)