Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.37.3: हे प्रभु! जिन भगवान महेश्वर ने पहले हमें (बीज रूप में) सेनापति दिया था, वे ही देवी उमादेवी के साथ महान तप का आश्रय लेकर तपस्या कर रहे हैं॥3॥ | ramayan सर्ग 1.37: गंगा से कार्तिकेय की उत्पत्ति का प्रसंग । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे प्रभु! जिन भगवान महेश्वर ने पहले हमें (बीज रूप में) सेनापति दिया था, वे ही देवी उमादेवी के साथ महान तप का आश्रय लेकर तपस्या कर रहे हैं॥3॥
'O Lord! The Lord Maheshwara who had earlier given us a commander (in the form of a seed) is performing tapasya along with Goddess Umadevi by resorting to great penance. ॥ 3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥