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ramayan 1.37.16-17h: तब समस्त देवताओं को हवि प्रदान करने वाले अग्निदेव ने गंगादेवी से कहा - 'देवि! इस गर्भ को हिमालय पर्वत के पार्श्व में स्थापित करो ।'   |   ramayan सर्ग 1.37: गंगा से कार्तिकेय की उत्पत्ति का प्रसंग   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 37: गंगा से कार्तिकेय की उत्पत्ति का प्रसंग  »  श्लोक 16-17h
 
 
श्लोक  1.37.16-17h 
अथाब्रवीदिदं गंगां सर्वदेवहुताशन:॥ १६॥
इह हैमवते पार्श्वे गर्भोऽयं संनिवेश्यताम्।
 
 
अनुवाद
तब समस्त देवताओं को हवि प्रदान करने वाले अग्निदेव ने गंगादेवी से कहा - 'देवि! इस गर्भ को हिमालय पर्वत के पार्श्व में स्थापित करो ।'
 
Then Agnidev, who offers the offerings to all the gods, said to Gangadevi - 'Devi! Establish this womb on the side of the Himalayan Mountains. 16 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)