Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.36.9: हे देवों के देव महादेव! जो इस जगत के कल्याण के लिए सदैव तत्पर रहते हैं! देवतागण आपके चरणों में अपना मस्तक झुकाते हैं। इससे प्रसन्न होकर आप इन देवताओं पर कृपा करें॥ 9॥ | ramayan सर्ग 1.36: देवताओं का शिव-पार्वती को सुरतक्रीडा से निवृत्त करना तथा उमादेवी का देवताओं और पृथ्वी को शाप देना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे देवों के देव महादेव! जो इस जगत के कल्याण के लिए सदैव तत्पर रहते हैं! देवतागण आपके चरणों में अपना मस्तक झुकाते हैं। इससे प्रसन्न होकर आप इन देवताओं पर कृपा करें॥ 9॥
'Mahadev, the God of gods, who is always ready to work for the welfare of this world! The gods bow their heads at your feet. Pleased with this, please bless these gods.॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥