Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.36.8: 'उन्होंने सोचा - इतने दीर्घकाल के पश्चात् भी यदि रुद्र के तेज से उमादेवी के गर्भ से कोई महान् पुरुष उत्पन्न हो जाए, तो उसका तेज कौन धारण करेगा? ऐसा विचार करके सब देवता भगवान शिव के पास गए और उन्हें प्रणाम करके बोले - 8॥ | ramayan सर्ग 1.36: देवताओं का शिव-पार्वती को सुरतक्रीडा से निवृत्त करना तथा उमादेवी का देवताओं और पृथ्वी को शाप देना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'उन्होंने सोचा - इतने दीर्घकाल के पश्चात् भी यदि रुद्र के तेज से उमादेवी के गर्भ से कोई महान् पुरुष उत्पन्न हो जाए, तो उसका तेज कौन धारण करेगा? ऐसा विचार करके सब देवता भगवान शिव के पास गए और उन्हें प्रणाम करके बोले - 8॥
'They thought - even after such a long time, if a great being emerges from the womb of Umadevi from the glory of Rudra, then who will bear his glory? Thinking this, all the gods went to Lord Shiva and bowed before him and said - 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥