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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 1: बाल काण्ड
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सर्ग 36: देवताओं का शिव-पार्वती को सुरतक्रीडा से निवृत्त करना तथा उमादेवी का देवताओं और पृथ्वी को शाप देना
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श्लोक 6
श्लोक
1.36.6
तस्य संक्रीडमानस्य महादेवस्य धीमत:।
शितिकण्ठस्य देवस्य दिव्यं वर्षशतं गतम्॥ ६॥
अनुवाद
'अत्यन्त बुद्धिमान् एवं महान् देवता भगवान् नीलकण्ठ की देवी उमादेवी के साथ क्रीड़ा करते हुए एक सौ दिव्य वर्ष व्यतीत हो गए ॥6॥
'One hundred divine years passed while the most intelligent and great deity Lord was playing with the goddess Umadevi of Neelkantha. 6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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