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ramayan 1.36.27: 'हे लक्ष्मण सहित श्री राम! मैंने तुम्हें गिरिराज हिमवान की छोटी पुत्री उमादेवी का यह विस्तृत वृत्तांत सुनाया है। अब तुम मुझसे गंगा की उत्पत्ति की कथा सुनो।' 27॥   |   ramayan सर्ग 1.36: देवताओं का शिव-पार्वती को सुरतक्रीडा से निवृत्त करना तथा उमादेवी का देवताओं और पृथ्वी को शाप देना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 36: देवताओं का शिव-पार्वती को सुरतक्रीडा से निवृत्त करना तथा उमादेवी का देवताओं और पृथ्वी को शाप देना  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  1.36.27 
एष ते विस्तरो राम शैलपुत्र्या निवेदित:।
गंगाया: प्रभवं चैव शृणु मे सहलक्ष्मण॥ २७॥
 
 
अनुवाद
'हे लक्ष्मण सहित श्री राम! मैंने तुम्हें गिरिराज हिमवान की छोटी पुत्री उमादेवी का यह विस्तृत वृत्तांत सुनाया है। अब तुम मुझसे गंगा की उत्पत्ति की कथा सुनो।' 27॥
 
'Shri Ram along with Lakshman! I have told you this detailed account of Umadevi, the younger daughter of Giriraj Himavan. Now listen to me the story of the origin of Ganga. 27॥
 
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये बालकाण्डे षट‍‍्त्रिंशः सर्ग:॥ ३६॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके बालकाण्डमें छत्तीसवाँ सर्ग पूरा हुआ॥ ३६॥
 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)