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ramayan 1.36.23: सभी देवताओं से ऐसा कहकर देवी उमा ने पृथ्वी को भी शाप दिया - 'हे पृथ्वी! तुम्हारा एक रूप नहीं होगा। तुम अनेकों की पत्नी बनोगी।'   |   ramayan सर्ग 1.36: देवताओं का शिव-पार्वती को सुरतक्रीडा से निवृत्त करना तथा उमादेवी का देवताओं और पृथ्वी को शाप देना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 36: देवताओं का शिव-पार्वती को सुरतक्रीडा से निवृत्त करना तथा उमादेवी का देवताओं और पृथ्वी को शाप देना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  1.36.23 
एवमुक्त्वा सुरान् सर्वान् शशाप पृथिवीमपि।
अवने नैकरूपा त्वं बहुभार्या भविष्यसि॥ २३॥
 
 
अनुवाद
सभी देवताओं से ऐसा कहकर देवी उमा ने पृथ्वी को भी शाप दिया - 'हे पृथ्वी! तुम्हारा एक रूप नहीं होगा। तुम अनेकों की पत्नी बनोगी।'
 
Having said this to all the gods, Goddess Uma also cursed the Earth - 'O Earth! You will not have one form. You will be the wife of many.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)