vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 1: बाल काण्ड
»
सर्ग 36: देवताओं का शिव-पार्वती को सुरतक्रीडा से निवृत्त करना तथा उमादेवी का देवताओं और पृथ्वी को शाप देना
»
श्लोक 12
श्लोक
1.36.12
देवतानां वच: श्रुत्वा सर्वलोकमहेश्वर:।
बाढमित्यब्रवीत् सर्वान् पुनश्चेदमुवाच ह॥ १२॥
अनुवाद
देवताओं की यह बात सुनकर भगवान शिव ने ‘बहुत अच्छा’ कहकर उनकी प्रार्थना स्वीकार कर ली; फिर वे उनसे इस प्रकार बोले-॥12॥
Hearing this from the gods, Lord Shiva accepted their request saying, 'Very good'; then he spoke to them thus -॥ 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×