Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.36.10: हे देवश्रेष्ठ! ये लोक आपके तेज को सहन नहीं कर सकेंगे; अतः आप क्रीड़ा से निवृत्त होकर वेदज्ञान से युक्त देवी उमादेवी की तपस्या करें॥ 10॥ | ramayan सर्ग 1.36: देवताओं का शिव-पार्वती को सुरतक्रीडा से निवृत्त करना तथा उमादेवी का देवताओं और पृथ्वी को शाप देना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे देवश्रेष्ठ! ये लोक आपके तेज को सहन नहीं कर सकेंगे; अतः आप क्रीड़ा से निवृत्त होकर वेदज्ञान से युक्त देवी उमादेवी की तपस्या करें॥ 10॥
'O best of the gods! These worlds will not be able to bear your brilliance; therefore you should retire from playing and perform penance with the goddess Umadevi, imbued with the knowledge of the Vedas.॥ 10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥