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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 1: बाल काण्ड
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सर्ग 34: गाधि की उत्पत्ति, कौशिकी की प्रशंसा
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श्लोक 7
श्लोक
1.34.7
पूर्वजा भगिनी चापि मम राघव सुव्रता।
नाम्ना सत्यवती नाम ऋचीके प्रतिपादिता॥ ७॥
अनुवाद
राघव! मेरी एक बड़ी बहन भी थी जो बहुत व्रत-पालन करती थी। उसका नाम सत्यवती था। उसका विवाह ऋषि ऋचीक से हुआ था।
Raghava! I also had an elder sister who was a great follower of fasts. Her name was Satyavati. She was married to the sage Richik. 7.
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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