| श्रीमद् वाल्मीकि रामायण » काण्ड 1: बाल काण्ड » सर्ग 34: गाधि की उत्पत्ति, कौशिकी की प्रशंसा » श्लोक 19 |
|
| | | | श्लोक 1.34.19  | एवमुक्त्वा महातेजा विरराम महामुनि:।
साधुसाध्विति ते सर्वे मुनयो ह्यभ्यपूजयन्॥ १९॥ | | | | | | अनुवाद | | ऐसा कहकर महर्षि विश्वामित्र चुप हो गए। उस समय समस्त ऋषियों ने विश्वामित्र को धन्यवाद दिया और उनकी बहुत प्रशंसा की-॥19॥ | | | | Saying this, the great sage Vishwamitra became silent. At that time, all the sages thanked Vishwamitra and praised him greatly -॥ 19॥ | | ✨ ai-generated | | |
|
|