Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 1.32.8: महात्मा वासुकि: यह 'गिरिव्रज' नामक राजधानी वसुमती नाम से प्रसिद्ध हुई। इसके चारों ओर ये पाँच महान पर्वत सुशोभित हैं॥8॥   |   ramayan सर्ग 1.32: ब्रह्मपुत्र कुश पुत्रों का वर्णन, कुशनाभ की सौ कन्याओं का वायु के कोप से ‘कुब्जा’ होना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 32: ब्रह्मपुत्र कुश पुत्रों का वर्णन, कुशनाभ की सौ कन्याओं का वायु के कोप से ‘कुब्जा’ होना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  1.32.8 
एषा वसुमती नाम वसोस्तस्य महात्मन:।
एते शैलवरा: पञ्च प्रकाशन्ते समन्तत:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
महात्मा वासुकि: यह 'गिरिव्रज' नामक राजधानी वसुमती नाम से प्रसिद्ध हुई। इसके चारों ओर ये पाँच महान पर्वत सुशोभित हैं॥8॥
 
Mahatma Vasuki: This capital named 'Girivraj' became famous by the name of Vasumati. These five great mountains are adorned around it*॥ 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)