Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.32.24: वायुदेव द्वारा कुबड़ी बना दी गई वे कन्याएँ राजमहल में प्रविष्ट हुईं। प्रविष्ट होते ही वे लज्जित और व्याकुल हो गईं। उनकी आँखों से आँसुओं की धारा बहने लगी॥ 24॥ | ramayan सर्ग 1.32: ब्रह्मपुत्र कुश पुत्रों का वर्णन, कुशनाभ की सौ कन्याओं का वायु के कोप से ‘कुब्जा’ होना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ता: कन्या वायुना भग्ना विविशुर्नृपतेर्गृहम्।
प्रविश्य च सुसम्भ्रान्ता: सलज्जा: सास्रलोचना:॥ २४॥
अनुवाद
वायुदेव द्वारा कुबड़ी बना दी गई वे कन्याएँ राजमहल में प्रविष्ट हुईं। प्रविष्ट होते ही वे लज्जित और व्याकुल हो गईं। उनकी आँखों से आँसुओं की धारा बहने लगी॥ 24॥
Those girls who had been made hunchbacked by Vayu Deva entered the royal palace. After entering they became ashamed and anxious. Streams of tears started flowing from their eyes.॥ 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥