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ramayan 1.32.22: ‘हमारे पिता हम पर अधिकार रखते हैं, वे हमारे लिए सर्वश्रेष्ठ देवता हैं। हमारे पिता हमें जिसे सौंप देंगे, वही हमारा पति होगा।’॥22॥   |   ramayan सर्ग 1.32: ब्रह्मपुत्र कुश पुत्रों का वर्णन, कुशनाभ की सौ कन्याओं का वायु के कोप से ‘कुब्जा’ होना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 32: ब्रह्मपुत्र कुश पुत्रों का वर्णन, कुशनाभ की सौ कन्याओं का वायु के कोप से ‘कुब्जा’ होना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  1.32.22 
पिता हि प्रभुरस्माकं दैवतं परमं च स:।
यस्य नो दास्यति पिता स नो भर्ता भविष्यति॥ २२॥
 
 
अनुवाद
‘हमारे पिता हम पर अधिकार रखते हैं, वे हमारे लिए सर्वश्रेष्ठ देवता हैं। हमारे पिता हमें जिसे सौंप देंगे, वही हमारा पति होगा।’॥22॥
 
‘Our father has authority over us, he is the best god for us. Whoever our father hands us over to, he will be our husband.'॥ 22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)