Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.32.17: 'विशेषतः मनुष्य शरीर में यौवन कभी स्थायी नहीं होता - वह प्रतिक्षण क्षीण होता रहता है। मुझसे सम्बन्ध स्थापित करने के पश्चात् तुम चिरयौवन प्राप्त करोगे और अमर हो जाओगे।'॥17॥ | ramayan सर्ग 1.32: ब्रह्मपुत्र कुश पुत्रों का वर्णन, कुशनाभ की सौ कन्याओं का वायु के कोप से ‘कुब्जा’ होना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'विशेषतः मनुष्य शरीर में यौवन कभी स्थायी नहीं होता - वह प्रतिक्षण क्षीण होता रहता है। मुझसे सम्बन्ध स्थापित करने के पश्चात् तुम चिरयौवन प्राप्त करोगे और अमर हो जाओगे।'॥17॥
‘Especially in the human body, youth is never permanent – it diminishes every moment. After having a relationship with me, you will attain eternal youth and become immortal.'॥ 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥