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ramayan 1.32.15: उस समय उत्तम गुणों से युक्त, रूप और यौवन से विभूषित उन समस्त राजकुमारियों को देखकर वायुदेवता ने उनसे इस प्रकार कहा -   |   ramayan सर्ग 1.32: ब्रह्मपुत्र कुश पुत्रों का वर्णन, कुशनाभ की सौ कन्याओं का वायु के कोप से ‘कुब्जा’ होना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 32: ब्रह्मपुत्र कुश पुत्रों का वर्णन, कुशनाभ की सौ कन्याओं का वायु के कोप से ‘कुब्जा’ होना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  1.32.15 
ता: सर्वा गुणसम्पन्ना रूपयौवनसंयुता:।
दृष्ट्वा सर्वात्मको वायुरिदं वचनमब्रवीत्॥ १५॥
 
 
अनुवाद
उस समय उत्तम गुणों से युक्त, रूप और यौवन से विभूषित उन समस्त राजकुमारियों को देखकर वायुदेवता ने उनसे इस प्रकार कहा -
 
At that time, seeing all those princesses, full of good qualities and adorned with beauty and youth, the Vayu Devta in all forms said to them thus -
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)