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ramayan 1.32.11: हे रघुकुल को सुख पहुँचाने वाले श्री राम! धर्मात्मा राजर्षि कुशनाभ ने घृताची अप्सरा के गर्भ से सौ श्रेष्ठ कन्याओं को जन्म दिया॥11॥   |   ramayan सर्ग 1.32: ब्रह्मपुत्र कुश पुत्रों का वर्णन, कुशनाभ की सौ कन्याओं का वायु के कोप से ‘कुब्जा’ होना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  1.32.11 
कुशनाभस्तु राजर्षि: कन्याशतमनुत्तमम्।
जनयामास धर्मात्मा घृताच्यां रघुनन्दन॥ ११॥
 
 
अनुवाद
हे रघुकुल को सुख पहुँचाने वाले श्री राम! धर्मात्मा राजर्षि कुशनाभ ने घृताची अप्सरा के गर्भ से सौ श्रेष्ठ कन्याओं को जन्म दिया॥11॥
 
Shri Ram, who makes Raghu clan happy! The virtuous Rajarshi Kushanabha gave birth to hundred of the best daughters from the womb of Ghritachi Apsara. 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)