vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 1: बाल काण्ड
»
सर्ग 31: श्रीराम, लक्ष्मण तथा ऋषियों सहित विश्वामित्र का मिथिला को प्रस्थान तथा मार्ग में संध्या के समय शोणभद्र तट पर विश्राम
»
श्लोक 22-23h
श्लोक
1.31.22-23h
अथ रामो महातेजा विश्वामित्रं तपोधनम्॥ २२॥
पप्रच्छ मुनिशार्दूलं कौतूहलसमन्वितम्।
अनुवाद
तत्पश्चात् तेजस्वी श्री राम ने जिज्ञासापूर्वक तपस्वी महामुनि विश्वामित्र से पूछा- 22 1/2॥
After that, the brilliant Shri Ram curiously asked Vishwamitra, the great sage of penance – 22 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×