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ramayan 1.31.11: 'ककुत्स्थ पुत्र राम, वहाँ जाकर तुम मिथिला के महान राजा के धनुष को तथा उनके अत्यंत अद्भुत यज्ञ को भी देख सकोगे।   |   ramayan सर्ग 1.31: श्रीराम, लक्ष्मण तथा ऋषियों सहित विश्वामित्र का मिथिला को प्रस्थान तथा मार्ग में संध्या के समय शोणभद्र तट पर विश्राम   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 31: श्रीराम, लक्ष्मण तथा ऋषियों सहित विश्वामित्र का मिथिला को प्रस्थान तथा मार्ग में संध्या के समय शोणभद्र तट पर विश्राम  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  1.31.11 
तद्धनुर्नरशार्दूल मैथिलस्य महात्मन:।
तत्र द्रक्ष्यसि काकुत्स्थ यज्ञं च परमाद्भुतम्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
'ककुत्स्थ पुत्र राम, वहाँ जाकर तुम मिथिला के महान राजा के धनुष को तथा उनके अत्यंत अद्भुत यज्ञ को भी देख सकोगे।
 
'Rama, son of the Kakutstha clan, by going there you will be able to see the bow of the great king of Mithila and also his extremely wonderful yajna.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)