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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 1: बाल काण्ड
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सर्ग 31: श्रीराम, लक्ष्मण तथा ऋषियों सहित विश्वामित्र का मिथिला को प्रस्थान तथा मार्ग में संध्या के समय शोणभद्र तट पर विश्राम
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श्लोक 10
श्लोक
1.31.10
धनुषस्तस्य वीर्यं हि जिज्ञासन्तो महीक्षित:।
न शेकुरारोपयितुं राजपुत्रा महाबला:॥ १०॥
अनुवाद
कई शक्तिशाली राजा और राजकुमार उस धनुष की शक्ति का परीक्षण करने आए, लेकिन कोई भी उसे उठा नहीं सका।
Many mighty kings and princes came to test the power of that bow, but none could lift it.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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