Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.30.19: शीतेषु नामक मानवास्त्र से पीड़ित होकर मारीच विचलित होकर भटक रहा है। यह देखकर श्री राम ने लक्ष्मण से कहा -॥19॥ | ramayan सर्ग 1.30: श्रीराम द्वारा विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा तथा राक्षसों का संहार । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
विचेतनं विघूर्णन्तं शीतेषुबलपीडितम्।
निरस्तं दृश्य मारीचं रामो लक्ष्मणमब्रवीत्॥ १९॥
अनुवाद
शीतेषु नामक मानवास्त्र से पीड़ित होकर मारीच विचलित होकर भटक रहा है। यह देखकर श्री राम ने लक्ष्मण से कहा -॥19॥
Having been afflicted by the human weapon called Sheeteshu, Marich is wandering in a disorientated manner. Seeing this, Shri Ram said to Lakshmana -॥19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥