Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.30.13-14: उस रक्त के प्रवाह से यज्ञवेदी के चारों ओर की भूमि गीली देखकर श्री रामचन्द्रजी सहसा दौड़े और इधर-उधर देखने पर उन्हें आकाश में स्थित वे राक्षस दिखाई दिए। मारीच और सुबाहु को सहसा आते देखकर कमलनयन श्री राम ने लक्ष्मण की ओर देखकर कहा- ॥13-14॥ | ramayan सर्ग 1.30: श्रीराम द्वारा विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा तथा राक्षसों का संहार । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस रक्त के प्रवाह से यज्ञवेदी के चारों ओर की भूमि गीली देखकर श्री रामचन्द्रजी सहसा दौड़े और इधर-उधर देखने पर उन्हें आकाश में स्थित वे राक्षस दिखाई दिए। मारीच और सुबाहु को सहसा आते देखकर कमलनयन श्री राम ने लक्ष्मण की ओर देखकर कहा- ॥13-14॥
Seeing the ground around the sacrificial altar wet with that flow of blood, Shri Ramchandraji suddenly ran and on looking here and there he saw those demons situated in the sky. Seeing Marich and Subahu coming suddenly, Kamalnayan Shri Ram looked at Lakshman and said – ॥ 13-14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥