Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.29.22: वही भगवान पूर्वकाल में यहाँ निवास करते थे; अतः यह आश्रम सब प्रकार के क्लेशों (शोक और शोक) का नाश करने में समर्थ है। उन्हीं भगवान वामन के प्रति मेरी भक्ति के कारण मैं भी इस स्थान का उपयोग अपने उपयोग में करता हूँ॥ 22॥ | ramayan सर्ग 1.29: विश्वामित्रजी का श्रीराम से सिद्धाश्रम का पूर्ववृत्तान्त बताना और उन दोनों भाइयों के साथ अपने आश्रम पहुँचकर पूजित होना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वही भगवान पूर्वकाल में यहाँ निवास करते थे; अतः यह आश्रम सब प्रकार के क्लेशों (शोक और शोक) का नाश करने में समर्थ है। उन्हीं भगवान वामन के प्रति मेरी भक्ति के कारण मैं भी इस स्थान का उपयोग अपने उपयोग में करता हूँ॥ 22॥
‘The same Bhagwan had lived here in the past; therefore this hermitage is capable of destroying all kinds of troubles (grief and sorrow). Due to my devotion towards the same Bhagwan Vaman, I also use this place for my use.॥ 22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥