Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.29.15-16: भगवान के ये वचन सुनकर मरीचिनंदन कश्यप बोले, 'हे उत्तम व्रतों का पालन करने वाले और वर देने वाले देव! सभी देवताओं, अदिति और मैंने आपसे बार-बार यही प्रार्थना की है। आप अति प्रसन्न होकर मुझे यही वर प्रदान करें। हे प्रभु! हे निष्पाप नारायणदेव! आप मेरे और अदिति के पुत्र बनें।' | ramayan सर्ग 1.29: विश्वामित्रजी का श्रीराम से सिद्धाश्रम का पूर्ववृत्तान्त बताना और उन दोनों भाइयों के साथ अपने आश्रम पहुँचकर पूजित होना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भगवान के ये वचन सुनकर मरीचिनंदन कश्यप बोले, 'हे उत्तम व्रतों का पालन करने वाले और वर देने वाले देव! सभी देवताओं, अदिति और मैंने आपसे बार-बार यही प्रार्थना की है। आप अति प्रसन्न होकर मुझे यही वर प्रदान करें। हे प्रभु! हे निष्पाप नारायणदेव! आप मेरे और अदिति के पुत्र बनें।'
Hearing these words of the Lord, Marichinandan Kashyap said, 'O God who observes the best vows and gives boons! All the gods, Aditi and I have repeatedly requested you for the same thing. Please be very pleased and grant me this one boon. O Lord! O sinless Narayandev! May you become my and Aditi's son.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥