श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 28: विश्वामित्र का श्रीराम को अस्त्रों की संहारविधि बताना,अस्त्रों का उपदेश करना, श्रीराम का आश्रम एवं यज्ञस्थान के विषय में प्रश्न  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  1.28.13 
रामं प्राञ्जलयो भूत्वाब्रुवन् मधुरभाषिण:।
इमे स्म नरशार्दूल शाधि किं करवाम ते॥ १३॥
 
 
अनुवाद
वे हाथ जोड़कर मधुर वाणी में श्री राम से बोले - 'मानसिंह! हम आपके सेवक हैं। कृपया आज्ञा करें, हम आपकी क्या सेवा कर सकते हैं?'॥13॥
 
With folded hands they said to Shri Ram in a sweet voice - 'Mansingh! We are your servants. Please order, what service can we provide you?'॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)