Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 1.27.28: तत्पश्चात् पराक्रमी श्री राम प्रसन्न हुए और उन्होंने महर्षि विश्वामित्र को प्रणाम किया तथा अपनी आगे की यात्रा आरम्भ की।   |   ramayan सर्ग 1.27: विश्वामित्र द्वारा श्रीराम को दिव्यास्त्र   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 27: विश्वामित्र द्वारा श्रीराम को दिव्यास्त्र  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  1.27.28 
तत: प्रीतमना रामो विश्वामित्रं महामुनिम्।
अभिवाद्य महातेजा गमनायोपचक्रमे॥ २८॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् पराक्रमी श्री राम प्रसन्न हुए और उन्होंने महर्षि विश्वामित्र को प्रणाम किया तथा अपनी आगे की यात्रा आरम्भ की।
 
Thereafter, the mighty Shri Ram became happy and bowed to the great sage Vishwamitra and started his further journey.
 
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये बालकाण्डे सप्तविंश: सर्ग:॥ २७॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके बालकाण्डमें सत्ताईसवाँ सर्ग पूरा हुआ॥ २७॥
 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)