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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 26: श्रीराम द्वारा ताटका का वध  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  1.26.7 
तेन शब्देन वित्रस्तास्ताटकावनवासिन:।
ताटका च सुसंक्रुद्धा तेन शब्देन मोहिता॥ ७॥
 
 
अनुवाद
ताटक वन में रहने वाले सभी प्राणी उस ध्वनि से काँप उठे। ताटक भी पहले तो उस गर्जनापूर्ण ध्वनि से भ्रमित हुई; परन्तु फिर थोड़ा सोचने के बाद उसे बहुत क्रोध आया।
 
All the creatures living in the Tataka forest trembled at that sound. Tataka too was initially confused by that roaring noise; but then after thinking a little she became very angry.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)