Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.26.19: परन्तु वह यक्षिणी थी, जो इच्छानुसार कोई भी रूप धारण कर सकती थी; अतः अनेक रूप धारण करके उसने अपनी माया से भगवान राम और लक्ष्मण को मोहित कर लिया और फिर अंतर्धान हो गई॥19॥ | ramayan सर्ग 1.26: श्रीराम द्वारा ताटका का वध । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
परन्तु वह यक्षिणी थी, जो इच्छानुसार कोई भी रूप धारण कर सकती थी; अतः अनेक रूप धारण करके उसने अपनी माया से भगवान राम और लक्ष्मण को मोहित कर लिया और फिर अंतर्धान हो गई॥19॥
But she was a Yakshini who could assume any form at will; so after taking many forms, she mesmerized Lord Rama and Lakshmana with her Maya and then disappeared.॥ 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥