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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 26: श्रीराम द्वारा ताटका का वध  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  1.26.11 
एतां पश्य दुराधर्षां मायाबलसमन्विताम्।
विनिवृत्तां करोम्यद्य हृतकर्णाग्रनासिकाम्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
'उसकी जादुई शक्तियों के कारण उसे हराना बहुत कठिन हो रहा है। देखो, मैं तुरन्त उसके कान और नाक काटकर उसे पीछे हटने पर विवश कर दूँगा। ॥11॥
 
'Because of her magical powers, she is becoming very difficult to defeat. Look, I will immediately cut off her ears and nose and force her to turn back. ॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)