Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.25.14: इस शाप के कारण ताड़का का क्रोध और भी बढ़ गया। वह क्रोध से अचेत हो गई और उस सुन्दर भूमि को नष्ट करने लगी जहाँ उन दिनों अगस्त्य रहते थे॥14॥ | ramayan सर्ग 1.25: श्रीराम के पूछने पर विश्वामित्रजी का ताटका की उत्पत्ति, विवाह एवं शाप आदि का प्रसंग सुना ताटका-वध के लिये प्रेरित करना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस शाप के कारण ताड़का का क्रोध और भी बढ़ गया। वह क्रोध से अचेत हो गई और उस सुन्दर भूमि को नष्ट करने लगी जहाँ उन दिनों अगस्त्य रहते थे॥14॥
‘Because of this curse, Tataka's anger increased even more. She became unconscious with anger and started destroying the beautiful land where Agastya used to live in those days.॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥