Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 1.24.23-24h: 'बुद्धिमान इन्द्र द्वारा की गई उस देश की पूजा को देखकर देवताओं ने बारम्बार पक्षशासन की स्तुति की।   |   ramayan सर्ग 1.24: श्रीराम और लक्ष्मण का गंगापार होते समय तुमुलध्वनि के विषय में प्रश्न, मलद, करूष एवं ताटका वन का परिचय   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 24: श्रीराम और लक्ष्मण का गंगापार होते समय तुमुलध्वनि के विषय में प्रश्न, मलद, करूष एवं ताटका वन का परिचय  »  श्लोक 23-24h
 
 
श्लोक  1.24.23-24h 
साधु साध्विति तं देवा: पाकशासनमब्रुवन्॥ २३॥
देशस्य पूजां तां दृष्ट्वा कृतां शक्रेण धीमता।
 
 
अनुवाद
'बुद्धिमान इन्द्र द्वारा की गई उस देश की पूजा को देखकर देवताओं ने बारम्बार पक्षशासन की स्तुति की।
 
'Beholding the worship of that country done by the wise Indra, the gods repeatedly praised the Pakshashasan. 23 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)