Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.24.21-23h: 'इंद्र पहले की तरह निर्मल, क्षुधारहित और पवित्र हो गए। तब उन्होंने प्रसन्न होकर इस देश को यह उत्तम वरदान दिया - 'ये दोनों जनपद संसार में मलाड और करुष नाम से विख्यात होंगे। ये दोनों देश, जो मेरी जैविक सम्पदा प्राप्त करेंगे, अत्यंत समृद्ध होंगे।' | ramayan सर्ग 1.24: श्रीराम और लक्ष्मण का गंगापार होते समय तुमुलध्वनि के विषय में प्रश्न, मलद, करूष एवं ताटका वन का परिचय । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'इंद्र पहले की तरह निर्मल, क्षुधारहित और पवित्र हो गए। तब उन्होंने प्रसन्न होकर इस देश को यह उत्तम वरदान दिया - 'ये दोनों जनपद संसार में मलाड और करुष नाम से विख्यात होंगे। ये दोनों देश, जो मेरी जैविक सम्पदा प्राप्त करेंगे, अत्यंत समृद्ध होंगे।'
'Indra became clean, hungerless and pure as before. Then he became pleased and gave this best boon to this country - 'These two districts will be famous in the world by the names Malad and Karush. These two countries, which will receive my organic wealth, will be very prosperous.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥