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श्लोक  1.24.18-19h 
पुरा वृत्रवधे राम मलेन समभिप्लुतम्॥ १८॥
क्षुधा चैव सहस्राक्षं ब्रह्महत्या समाविशत्।
 
 
अनुवाद
'राम! इससे पहले वृत्रासुर का वध करने के बाद देवराज इंद्र ने व्यभिचार किया था। भूख ने भी उन्हें जकड़ लिया था और ब्रह्महत्या भी उनमें प्रवेश कर गई थी।
 
'Ram! Earlier, after killing Vritrasura, Devraj Indra indulged in sexual immorality. Hunger also overpowered him and Brahmahatya entered into him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)