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ramayan 1.24.16-17h: तब महर्षि विश्वामित्र ने उससे कहा, 'पुत्र! ककुत्स्थानन्दन! यह घोर वन जिसके अधीन है, उसका परिचय सुनो।'   |   ramayan सर्ग 1.24: श्रीराम और लक्ष्मण का गंगापार होते समय तुमुलध्वनि के विषय में प्रश्न, मलद, करूष एवं ताटका वन का परिचय   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 24: श्रीराम और लक्ष्मण का गंगापार होते समय तुमुलध्वनि के विषय में प्रश्न, मलद, करूष एवं ताटका वन का परिचय  »  श्लोक 16-17h
 
 
श्लोक  1.24.16-17h 
तमुवाच महातेजा विश्वामित्रो महामुनि:॥ १६॥
श्रूयतां वत्स काकुत्स्थ यस्यैतद् दारुणं वनम्।
 
 
अनुवाद
तब महर्षि विश्वामित्र ने उससे कहा, 'पुत्र! ककुत्स्थानन्दन! यह घोर वन जिसके अधीन है, उसका परिचय सुनो।'
 
Then the great sage Visvamitra said to him, 'Son! Son of Kakutsthanandan! Listen to the introduction of the one in whose control this dreadful forest has been. 16 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)