Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.23.9: उन दोनों की ये बातें सुनकर महर्षि विश्वामित्र मुस्कुराये और बोले, 'राम! मैं तुम्हें उस व्यक्ति से परिचित कराता हूँ जिसने पहले इस आश्रम पर शासन किया था। सुनो।' | ramayan सर्ग 1.23: विश्वामित्र सहित श्रीराम और लक्ष्मण का सरयू-गंगा संगम के समीप पुण्य आश्रम में रात को ठहरना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तयोस्तद् वचनं श्रुत्वा प्रहस्य मुनिपुंगव:।
अब्रवीच्छ्रूयतां राम यस्यायं पूर्व आश्रम:॥ ९॥
अनुवाद
उन दोनों की ये बातें सुनकर महर्षि विश्वामित्र मुस्कुराये और बोले, 'राम! मैं तुम्हें उस व्यक्ति से परिचित कराता हूँ जिसने पहले इस आश्रम पर शासन किया था। सुनो।'
Hearing these words of both of them, the great sage Visvamitra smiled and said, 'Rama! I will introduce you to the person who had previously controlled this hermitage. Listen.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥