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ramayan 1.23.21-22h: तत्पश्चात् वहाँ निवास करने वाले ऋषियों ने विश्वामित्र आदि को अन्य व्रतधारी महर्षियों के साथ शयन हेतु उपयुक्त स्थान पर ले जाकर विश्राम कराया। विश्वामित्र आदि सभी मनोरथों को पूर्ण करने वाले उस पवित्र आश्रम में सुखपूर्वक रहने लगे।   |   ramayan सर्ग 1.23: विश्वामित्र सहित श्रीराम और लक्ष्मण का सरयू-गंगा संगम के समीप पुण्य आश्रम में रात को ठहरना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 23: विश्वामित्र सहित श्रीराम और लक्ष्मण का सरयू-गंगा संगम के समीप पुण्य आश्रम में रात को ठहरना  »  श्लोक 21-22h
 
 
श्लोक  1.23.21-22h 
तत्र वासिभिरानीता मुनिभि: सुव्रतै: सह॥ २१॥
न्यवसन् सुसुखं तत्र कामाश्रमपदे तथा।
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् वहाँ निवास करने वाले ऋषियों ने विश्वामित्र आदि को अन्य व्रतधारी महर्षियों के साथ शयन हेतु उपयुक्त स्थान पर ले जाकर विश्राम कराया। विश्वामित्र आदि सभी मनोरथों को पूर्ण करने वाले उस पवित्र आश्रम में सुखपूर्वक रहने लगे।
 
Thereafter the sages residing there took Vishwamitra and others to a suitable place to sleep along with other great sages who were observing fasts. Vishwamitra and others lived very happily in that holy hermitage which fulfilled all desires.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)