Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 1.23.20-21h: ऋषियों ने अतिथियों का यथोचित स्वागत करने के बाद, उन्हें विविध कथाओं और चर्चाओं से मनोरंजन कराया। तत्पश्चात, महर्षियों ने निर्धारित समयानुसार संध्यावंदन और मंत्रोच्चार पर ध्यान केंद्रित किया।   |   ramayan सर्ग 1.23: विश्वामित्र सहित श्रीराम और लक्ष्मण का सरयू-गंगा संगम के समीप पुण्य आश्रम में रात को ठहरना   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 23: विश्वामित्र सहित श्रीराम और लक्ष्मण का सरयू-गंगा संगम के समीप पुण्य आश्रम में रात को ठहरना  »  श्लोक 20-21h
 
 
श्लोक  1.23.20-21h 
सत्कारं समनुप्राप्य कथाभिरभिरञ्जयन्॥ २०॥
यथार्हमजपन् संध्यामृषयस्ते समाहिता:।
 
 
अनुवाद
ऋषियों ने अतिथियों का यथोचित स्वागत करने के बाद, उन्हें विविध कथाओं और चर्चाओं से मनोरंजन कराया। तत्पश्चात, महर्षियों ने निर्धारित समयानुसार संध्यावंदन और मंत्रोच्चार पर ध्यान केंद्रित किया।
 
After welcoming them appropriately, the sages entertained the guests with various stories and discussions. Then the great sages concentrated on performing the evening prayers and chanting mantras as per the schedule.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)