Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.22.8: उनका स्वभाव महान् एवं उदार था। अपनी अनुपम प्रभा से प्रकाशित होकर वे दोनों अपूर्व सुन्दर राजकुमार चारों ओर शोभा फैला रहे थे और विश्वामित्र का उसी प्रकार अनुसरण कर रहे थे, जैसे दोनों अश्विनीकुमार ब्रह्माजी का अनुसरण करते हैं। | ramayan सर्ग 1.22: दशरथ का स्वस्तिवाचन पूर्वक राम-लक्ष्मण को मुनि के साथ भेजना, विश्वामित्र से बला और अतिबला नामक विद्या की प्राप्ति । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उनका स्वभाव महान् एवं उदार था। अपनी अनुपम प्रभा से प्रकाशित होकर वे दोनों अपूर्व सुन्दर राजकुमार चारों ओर शोभा फैला रहे थे और विश्वामित्र का उसी प्रकार अनुसरण कर रहे थे, जैसे दोनों अश्विनीकुमार ब्रह्माजी का अनुसरण करते हैं।
Their nature was noble and generous. Shining with their matchless radiance, those two incomparably handsome princes were spreading splendor all around and were following Vishwamitra in the same way as the two Ashwinikumars follow Brahmaji.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥