श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 22: दशरथ का स्वस्तिवाचन पूर्वक राम-लक्ष्मण को मुनि के साथ भेजना, विश्वामित्र से बला और अतिबला नामक विद्या की प्राप्ति  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  1.22.6 
विश्वामित्रो ययावग्रे ततो रामो महायशा:।
काकपक्षधरो धन्वी तं च सौमित्रिरन्वगात्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
सबसे आगे विश्वामित्र थे, उनके पीछे कौए के पंख वाले प्रसिद्ध राम थे और उनके पीछे सुमित्रा के पुत्र लक्ष्मण थे।
 
In the front was Viswamitra, behind him was the famous Rama wearing the crow's wing and behind him was Sumitra's son Lakshman.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)