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ramayan 1.22.16: 'अनघ! सौभाग्य, चतुराई, ज्ञान, बुद्धि-दृढ़ता और किसी के प्रश्नों का उत्तर देने में भी कोई तुम्हारी बराबरी नहीं कर सकता॥ 16॥   |   ramayan सर्ग 1.22: दशरथ का स्वस्तिवाचन पूर्वक राम-लक्ष्मण को मुनि के साथ भेजना, विश्वामित्र से बला और अतिबला नामक विद्या की प्राप्ति   ।   ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 22: दशरथ का स्वस्तिवाचन पूर्वक राम-लक्ष्मण को मुनि के साथ भेजना, विश्वामित्र से बला और अतिबला नामक विद्या की प्राप्ति  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  1.22.16 
न सौभाग्ये न दाक्षिण्ये न ज्ञाने बुद्धिनिश्चये।
नोत्तरे प्रतिवक्तव्ये समो लोके तवानघ॥ १६॥
 
 
अनुवाद
'अनघ! सौभाग्य, चतुराई, ज्ञान, बुद्धि-दृढ़ता और किसी के प्रश्नों का उत्तर देने में भी कोई तुम्हारी बराबरी नहीं कर सकता॥ 16॥
 
'Anagh! No one can compare to you in good fortune, cleverness, knowledge, intellectual determination and even in answering someone's questions.॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)