श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 1: बाल काण्ड  »  सर्ग 22: दशरथ का स्वस्तिवाचन पूर्वक राम-लक्ष्मण को मुनि के साथ भेजना, विश्वामित्र से बला और अतिबला नामक विद्या की प्राप्ति  »  श्लोक 11-12
 
 
श्लोक  1.22.11-12 
अध्यर्धयोजनं गत्वा सरय्वा दक्षिणे तटे॥ ११॥
रामेति मधुरां वाणीं विश्वामित्रोऽभ्यभाषत।
गृहाण वत्स सलिलं मा भूत् कालस्य पर्यय:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
अयोध्या से डेढ़ योजन दूर सरयू नदी के दक्षिणी तट पर जाकर विश्वामित्र ने मधुर वाणी में राम को संबोधित करते हुए कहा - 'पुत्र राम! अब सरयू नदी का जल पी लो। इस महत्वपूर्ण कार्य में विलम्ब न करो।'
 
Going one and a half yojana away from Ayodhya, on the southern bank of the river Saryu, Viswamitra addressed Ram in a sweet voice and said - 'Son Ram! Now sip water from the river Saryu. Do not delay this important task.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)