Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.21.6: 'महाराज! आप इक्ष्वाकुवंशी राजाओं के कुल में उत्पन्न हुए हैं, जो अन्य धर्म के समान हैं। वे धैर्यवान, उत्तम व्रतों का पालन करने वाले और समृद्ध हैं। आपको अपना धर्म नहीं त्यागना चाहिए।' | ramayan सर्ग 1.21: विश्वामित्र के रोषपूर्ण वचन तथा वसिष्ठ का राजा दशरथ को समझाना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इक्ष्वाकूणां कुले जात: साक्षाद् धर्म इवापर:।
धृतिमान् सुव्रत: श्रीमान् न धर्मं हातुमर्हसि॥ ६॥
अनुवाद
'महाराज! आप इक्ष्वाकुवंशी राजाओं के कुल में उत्पन्न हुए हैं, जो अन्य धर्म के समान हैं। वे धैर्यवान, उत्तम व्रतों का पालन करने वाले और समृद्ध हैं। आपको अपना धर्म नहीं त्यागना चाहिए।'
'Maharaj! You were born in the family of Ikshvaku dynasty kings, like another religion. They are patient, maintain good fasts and are prosperous. You should not abandon your religion. 6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥