Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 1.21.17: फिर सुप्रभा ने संहार नामक पचास पुत्रों को भी जन्म दिया, जिन्हें हराना अत्यंत कठिन है। उन पर आक्रमण करना किसी के लिए भी कठिन है और वे सभी अत्यंत बलवान हैं॥17॥ | ramayan सर्ग 1.21: विश्वामित्र के रोषपूर्ण वचन तथा वसिष्ठ का राजा दशरथ को समझाना । ramayan काण्ड 1: बाल काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सुप्रभाजनयच्चापि पुत्रान् पञ्चाशतं पुन:।
संहारान् नाम दुर्धर्षान् दुराक्रामान् बलीयस:॥ १७॥
अनुवाद
फिर सुप्रभा ने संहार नामक पचास पुत्रों को भी जन्म दिया, जिन्हें हराना अत्यंत कठिन है। उन पर आक्रमण करना किसी के लिए भी कठिन है और वे सभी अत्यंत बलवान हैं॥17॥
‘Then Suprabha also gave birth to fifty sons named Samhaar, who are extremely difficult to defeat. It is very difficult for anyone to attack them and all of them are extremely strong.॥ 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥